
राजनांदगांव : डॉ. तरुण ने 200 घायल व बीमार गोवंश का ऑपरेशन कर बचाई जान…
राजनांदगांव , सड़क हादसों में घायल होने वाले, प्रसव पीड़ा और बीमारी से तड़प रहे मवेशियों के लिए वेटनरी डॉ. तरुण रामटेके मसीहा बने है। अब उन्होंने 200 से ज्यादा मवेशियों की सफल ऑपरेशन कर उनकी जान बचाई। जिला पशु अस्पताल में पदस्थ सेवा कार्य मिसाल पेश करने वाले डॉ. तरुण रामटेके को विगत दिनों पशु पालन मंत्री राम विचार नेताम ने एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया। खास बात यह है कि पशुओं का इलाज या ऑपरेशन करने के बाद उन्हें शेल्टर होम में रख देखभाल करते है।
डॉ. तरुण रामटेके ने बताया सड़क हादसों में घायल मवेशियों को समय पर इलाज नहीं मिलने से मौत हो जाती है। प्रसव पीड़ा और बीमारी में ऑपरेशन की जरूरत पड़ती है। इस तरह के कई मामलों में उनका इलाज और ऑपरेशन कर उनकी जान बचाई। वेटनरी डॉक्टर की भूमिका इलाज तक सीमित नहीं बल्कि दाने-चारे का सही प्रबंधन पशुओं को स्वस्थ रखने जरूरी है। उन्होंने मुर्गी पालन से बेरोजगार युवकों को रोजगार से जोड़ा। श्वान की पीठ से 1 किलो का ट्यूमर निकाल जान बचाई।
नस्ल सुधार और आधुनिक तकनीक से बढ़ा रहे आय शहर और ग्रामीण इलाकों में डेयरी और पोल्ट्री फार्म में किसानों, पशु पालकों को पशुओं के सही खान-पान, टीकाकरण, रोग नियंत्रण के बारे में जागरुक कर रहें है। किसानों को पशुओं की नस्ल सुधार, आधुनिक पशु पालन तकनीकों की जानकारी देकर उनकी आय बढ़ाने में सहयोग कर रहें है। उनके इन प्रयासों से पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर हुआ आज वे कृषि कार्यों में किसानों की सहायता कर रहें है। गाय, भैसों के स्वस्थ होने से दुग्ध उत्पादन बढ़ा इससे किसानों और पशु पालकों की आय बढ़ी है।



